केंद्र ने राज्यों से राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने को कहा है क्योंकि यह यातायात प्रबंधन और संचालन और भविष्य के उन्नयन परियोजनाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों को लिखे एक पत्र में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नियंत्रण (भूमि और यातायात) अधिनियम, 2002 ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया है, लेकिन फिर भी एनएच की जमीन पर अतिक्रमण हुए है।

मंत्रालय के संज्ञान में लाया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर ढाबों, सब्जी विक्रेताओं आदि द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण को रोकने के लिए क्षेत्रीय इकाइयों को पर्याप्त रूप से संवेदनशील बनाया जा सकता है और राष्ट्रीय राजमार्ग भूमि से सभी प्रकार के अतिक्रमणों को हटाने के लिए समय-समय पर अभियान शुरू किया जा सकता है।

मंत्रालय ने कहा कि एनएच की भूमि का अतिक्रमण चाहे वह स्थायी प्रकृति का हो या अस्थायी प्रकृति का, यातायात प्रबंधन और संचालन और भविष्य के उन्नयन परियोजनाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वैसे भी केंद्र सरकार राजमार्गों के विकास पर जोर दे रही है। सरकार का मानना है की अगर देश की अर्थव्यवस्था को पंख लगाना है तो देश की सड़के अच्छी होनी चाहिए।

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