उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार (25 दिसंबर) को कहा कि राज्य के लिए तैयार किया जा रहा समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार है और विशेषज्ञ पैनल जल्द ही सरकार को रिपोर्ट सौंप देगा। धामी ने हरिद्वार में संतों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए हमने जिस विशेषज्ञ समिति को नियुक्त किया था, उसने अपना काम कर दिया है। हमें जल्द ही नए साल में इसका मसौदा मिल जाएगा और इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू करने का निर्णय उतना ही महत्वपूर्ण था जितना कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण या जम्मू-कश्मीर को अस्थायी विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करना।

उन्होंने कहा, अयोध्या में राम मंदिर या धारा 370 को हटाने की मांग कई वर्षों से देश में उठ रही थी। इसी तरह, राज्य में भी, पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले, हमने दोबारा चुने जाने पर यूसीसी लाने का वादा किया था। धामी ने जूना अखाड़े द्वारा आयोजित दिव्य अध्यात्म महोत्सव में कहा।

उन्होंने अपनी सरकार की अब तक की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया गया है, जो उनकी सरकार द्वारा लिए गए कुछ बड़े फैसलों में से एक है।

उन्होंने भूमि जिहाद के खिलाफ अपनी सरकार की निर्णायक कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अभियान के दौरान 5,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुन: जागृति देखी जा रही है।

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